आज है हरतालिका तीज : जानिए क्या है इस व्रत का महत्व और कैसे करें भगवान श‍िव और मां पार्वती की पूजा ?

महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का व्रत  बेहद खास माना जाता है . हरतालिका तीज का व्रत  भाद्रपद में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है . इस वर्ष यह तिथि आज यानि 9 सितंबर को पड़ रही है . आज के दिन पूरे देश में हरतालिका तीज का पावन त्यौहार मनाया जा रहा है . वैसे तो ये व्रत पूरे देश में मनाया जाता है , लेकिन पूर्वाचल, यूपी और बिहार में इस व्रत को रखने वाली महिलाओं  की संख्या ज्यादा है . ये व्रत महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए  और अविवाहित युवतियां मनपसंद वर प्राप्ति के लिए रखती हैं. इस व्रत में भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है . महिलाएं अपने हाथों से महादेव और मां पार्वती की रेत या मिट्टी से मूर्ति बनाती है और उनकी पूजा अर्चना करती हैं. इस व्रत को करवाचौथ के व्रत से बी ज्यादा कठिन माना जाता है , क्योकि करवाचौथ के व्रत में महिलाएं शाम को चांद देखने के बाद अपना व्रत खोल सकती है , लेकिन हरतालिका तीज के व्रत में महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अगले दिन अपना व्रत खोलती है . पूरे दिन महिलाएं बिना कुछ खाएं और पिए रहती है , इसलिए इस व्रत को सबसे कठिन माना जाता है .

Hartalika Teej 2021: 14 साल के बाद बन रहा ये शुभ योग, जानें सही समय और पूजा विधि

क्या है  व्रत का महत्व ? 

ऐसा माना जाता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को वर के रूप में पाने के लिए पूरे 12 साल तक निर्जला व्रत रखा था . मां पार्वती की कठिन तपस्या के परिणामस्वरूप, मां पार्वती को भगवान शिव वर स्वरूप प्राप्त हुए.  तबसे ही हरतालिका तीज का  व्रत पूरे विधि विधान से किया जाता है . सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करके  संकल्प लेकर निर्जला व्रत रखा जाता है. इसके बाद महिलाएं अपने हाथों से भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी या बालू से बनी मूर्ति बनाती है  और सूर्य अस्त होने के बाद प्रदोष काल में पूजा करती है . पूजा की दौरान मां पार्वती को सुहाग की सभी वस्तुएं चढ़ाई जाती है . इन सब के बाद व्रत कथा पढ़ने के बाद शिव पार्वती की पूरे मन से आरती करके अगले दिन व्रत को खोला जाता है .

Hartalika Teej 2020: इस दिन पड़ रही है हरतालिका तीज, जानें पूजा का शुभ मुहुर्त और खास संयोग - Religion AajTak