रामनगरी अयोध्या के दौरे पर ओवैसी, अतीक अहमद की पत्नी ने थामा एमआईएम का दामन

ओवैसी के दौरे से सियासी अखाड़े का केन्द्र बनी अयोध्या

साल 2022 की चुनावी सुगबुगाहट के बीच रामनगरी अयोध्या सियासी अखाड़े का केन्द्र बनी हुई है। सूबे में चल रही है हिन्दुत्व की लहर के बीच एक से बढ़कर एक सियासी योद्धा अयोध्या से अपना चुनावी शंखनाद कर रहे हैं। जहाँ एक ओर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से ही विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है तो वहीं बसपा सुप्रीमों मायावती के सबसे अहम सिपहसालार सतीश मिश्रा, व जनसत्ता पार्टी के संरक्षक रघुराज प्रताप सिहं उर्फ राजा भैया पहले ही अयोध्या का दौरा कर चुके हैं। उधर अब एमआईएम चीफ असदउद्दीन ओवैसी भी अयोध्या के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहाँ से वो अपने चुनावी अभियान की शुरूआत करेंगें।

 

ओवैसी की मौजूदगी में अतीक अहमद की पत्नी ने ली पार्टी की सदस्यता

अयोध्या दौरे पर निकले ओवैसी को अब सियासी फायदा होता दिख रहा है। आज लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने ओवैसी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इसे ओवैसी के लिए बड़े सियासी फायदे के तौर पर देखा जा रहा है। तमाम राजनैतिक विश्लेषकों के मुताबिक पूर्वाचल के मुस्लिम वोटों में अतीक की अच्छी पकड़ मानी जाती है, अतीक अहमद अब तक सपा-बसपा के टिकट पर चुनाव जीतते आये हैं। अतीक अहमद की पत्नी के एमआईएम में शामिल होने से इसे सपा-बसपा के मुस्लिम वोटों में सेंध के तौर पर देखा जा रहा है।

सन्तों संग बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी किया दौरे का विरोध

ओवैसी के अयोध्या दौरे के बीच उनके वायरल पोस्टर में अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखे जाने का संतो ने भारी विरोध किया। हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास के नेतृत्व में जुटे तमाम संतो ने विरोध करते हुए कहा कि अगर पोस्टर पर फैजाबाद की जगह अयोध्या नहीं किया गया तो फिर कार्यक्रम होने नहीं दिया जायेगा। इसी बात को आधार बना अयोध्या के संत स्वामी जगतगुरू स्वामी परमहंस आचार्य तो रूदौली थाने पहुँच गये, और कार्यक्रम रद्द करने की माँग की। उधर औवैसी के दौरे का विरोध करते हुए बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि यूपी के मुस्लिमों को ओवैसी से सावधान रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होने कहा कि ओवैसी हैदराबाद के हैं तो वहीं राजनीति करें, उन्हे यूपी में आने की क्या जरूरत है।

बोले ओवैसी, अब तक जिताया, अब जीतेंगें

यूपी दौरे पर आये एमआईएम चीफ ओवैसी ने पत्रकार वार्ता के दौरान दूसरी विपक्षी पार्टीयों पर जमकर निशाना साधा, उन्होने कहा हम यूपी में  चुनाव लड़ रहें हैं तो दूसरी पार्टीयों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है। उन्होने कहा कि बीते 60 सालों में हमने सबको जिताया है, अब हम जीतेंगें। सीटों के सवाल पर उन्होने कहा कि हमारी पार्टी यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिन पर तैयारी करेंगें।

भागवत के डीएनए वाले बयान पर बिफरे ओवैसी

बीते दिनों मोहन भागवत द्वारा दिये गये हिन्दु मुसलमानों के एक डीएनए वाले वाले बयान पर बोलते हुए उन्होने कहा अब ये भी नौबत
आ गई क्या, हमें अपना डीएनए टेस्ट भी कराना पड़ेगा क्या, लेकिन हम डीएनए टेस्ट तैयार हैं। उन्होने कहा कि आरएसएस वाले इतिहास के बड़े कमजोर होते हैं, ये संविधान को नहीं मानते हैं, लेकिन डीएनए टेस्ट जरूर कराते हैं।

हिन्दुओँ को बताया भाई

हमेशा अपने कट्टर धार्मिक भाषणों से चर्चा में रहने वाले ओवैसी ने साल 2022 की चुनावी तैयारियों के बीच हिन्दुओँ पर बड़ा बयान देते हुए उन्हे अपना भाई बताया है। मीडिया द्वारा टिकट के सवाल पर बात करते हुये ओवैसी ने कहा कि हिन्दु हमारे भाई हैं हम उन्हे टिकट क्यों नहीं देंगें। इसके साथ ही उन्होने तालिबान पर बात करते हुये बीजेपी से पूंछा कि बीजेपी बताये कि तालिबान को वो आतंकी संगठन मानते हैं या नहीं, उन्होने कहा कि बीजेपी को हराना हमारा लक्ष्य है, और हम हर हाल में बीजेपी को हरायेंगें।

क्या हैं ओवैसी के यूपी दौरे के सियासी मायने

अयोध्या के रास्ते साल 2022 का चुनावी समीकरण साधने आये ओवैसी के कई सियासी मायने देखे जा रहें हैं, जहाँ एक ओर वो मुजफ्फरनगर दंगों की बात कर मुस्लिम वोट बैंक में सेंध कर अपनी राजनीति चमकाने की जुगत में हैं, तो वहीं ओवैसी के विरोधी उन्हे बीजेपी की बी टीम बता रहे हैं। फिलहाल जो भी हो अगर ओवैसी यूपी में चुनाव लड़ते हैं तो इसका सीधा सियासी फायदा ओवैसी को होगा या बीजेपी को ये तो वक्त ही बतायेगा।