प्रबुद्ध कौन ?

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी दल अलग-अलग जातियों पर अलग-अलग वर्ग को साधने में जुटी हुई हैं….ऐसे में सभी की निगाहें प्रबुद्ध वर्ग पर भी हैं…गौरतलब बात यह है कि सारी पार्टियां एक तरह से प्रबुद्ध प्रबुद्ध का खेल खेल रही हैं…ऐसे में वर्ग विशेष को ही प्रबुद्ध का दर्जा दिए जाने से क्या समाज के अन्य वर्ग नाराज नहीं होंगे और क्या इसका खामियाजा पार्टियों को चुनाव में नाराजगी के चलते नहीं झेलना पड़ेगा ये एक यक्ष प्रश्न है…

यूपी चुनाव को लेकर हर दल ने अपनी योजनाओं को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है….भाजपा ने रविवार से प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रबुद्घ सम्मेलन का आयोजन कर रही है जो कि 20 सितंबर तक किए जाएंगे…वाराणसी में सम्मेलन को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित किया….और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह प्रयागराज में और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अयोध्या में सम्मेलन को संबोधित किया….

तो वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन कर प्रबुद्ध वर्ग पर पकड़ मजबूत करने के लिए हुंकार भरी…..जिसमें बड़ी संख्या में एसपी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सम्मिलित हुए….इस सम्मेलन को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एसपी के चुनावी शंखनाद के रूप में हुंकार भरी…जिसकी अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष प्रबुद्ध सभा के मनोज पांडेय के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने की…इस सम्मेलन में मिशन 2022 विधानसभा चुनाव पर चर्चा करते हुए अगले चुनावों के बाद सरकार बनाने का संकल्‍प दोहराया…प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडेय ने कहा एसपी का प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन हुआ बीजेपी सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। यह नया प्रयोग नहीं है बल्कि 1997 में भी एसपीकी ओर से प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन हुआ था। एसपी सिर्फ प्रबुद्ध वर्ग की ही नहीं बल्कि अगड़े, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक सभी लोगों की पार्टी है..

उत्तर प्रदेश में सभी सियासी दल इस वक्त प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन कर रहे हैं लेकिन इसकी शुरुआत सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने की और आज बीएसपी के प्रबुद्ध वर्ग विचार सम्मेलन का समापन लखनऊ में हुआ….जिसे खुद पार्टी सुप्रीमो मायावती संबोधित किया….प्रबुद्ध वर्ग विचार संगोष्ठी के जरिए चुनाव से ठीक पहले बीएसपी अपनी ताकत दिखाने में भी जुटी हुई…प्रबुद्ध सम्मेलन में संबोधन के दौरान मायावती ने ने बीजेपी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि दलित वर्ग पर मुझे हमेशा गर्व रहा है…दलितों ने कभी अपनी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा…बसपा से जुड़े अन्य वर्ग के लोग गुमराह नहीं होंगे…सपा,भाजपा की संकीर्ण सोच के कारण ब्राह्मण समाज का शोषण हुआ…जबकि “हमारी सरकार में ब्राह्मणों को उचित स्थान दिया गया”….अब तो पार्टियां जो प्रबुद्ध वर्ग को कभी स्थान नहीं देती थी आज तो भीजेपी भी प्रबुद्ध सम्मेलन करने में जुटी हुई है….

तो वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरूआत करने के लिए आज अयोध्या पहुंचे….उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की हालत बदतर है…इस बार हम 100 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं…हमने 60 साल से सबको जिताया, अब हम जीतेंगे…हम चुनाव लड़ रहे हैं तो दूसरी पार्टियों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है..हम जरूर चुनाव लड़ेंगे किसी के गुलाम नहीं हैं…चुनाव से इतर ओवैसी ने तालीबान के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार बताए क्या तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं..ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है। यूपी में अब हमारा संगठन मजबूत है। हालात पहले से बदल गए हैं। वहीं, हिंदुओं को टिकट देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कि हम उन्हें टिकट क्यों नहीं देंगे वो भी हमारे भाई हैं।

जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहें है वैसे वैसे राजनीतिक दलों को प्रबुद्ध जनों की याद आ रही है…राजनीतिक पार्टियां प्रबुद्ध जनों में ब्राहम्मण को ही प्रबुद्ध मान रही है..ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ ब्राहम्मण ही प्रबुद्ध है वाकी वर्ग क्या राजनीतिक दलों की नजर में प्रबुद्ध नहीं हैं….तो आखिर प्रबुद्ध है कौन नेता या मतदाता?