दो साल बाद फिर शुरू हुईं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, कोविड की वजह से लगाई गई थी रोक

कोविड-19 महामारी की वजह से दो साल तक बंद रहने के बाद भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन रविवार  यानी आज से दोबारा शुरू हो गया. दो साल बाद नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए हवाईअड्डों और विमानन कंपनियों ने अपनी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं.

क्रू मेंबर्स को पीपीई किट पहनने की जरूरत नहीं

विदेशी एयरलाइंस फिर से भारत और बाकी दुनिया के बीच यात्रा करने के लिए वन-स्टॉप ट्रांजिट की पेशकश करने में सक्षम होंगी- विशेष रूप से खाड़ी देशों और सिंगापुर जैसे दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में। विमानन कंपनियों ने इसकी पूरी तैयारियां की हुई हैं। विमानों में क्रू मेंबर्स को लंबे समय से पीपीई किट पहनकर काम करना पड़ रहा था। यात्री भी लंबे समय से क्रू-मेंबर्स को सफेद पीपीई किट में ही देखते आ रहे थे। लेकिन अब क्रू मेंबर्स को पीपीई किट पहनने की कोई जरूरत नहीं है। नागर विमानन मंत्रालय ने कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों में ढील देते हुए चालक दल के सदस्यों के लिए पीपीई किट पहनने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

ये प्रतिबंध भी हटे

पीपीई किट पहनने की अनिवार्यता खत्म होने के साथ ही अन्य कई प्रतिबंधों में भी ढील दी गई है। अब एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ‘मेडिकल इमरजेंसी’ स्थिति के लिए तीन सीटों को खाली रखने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी अब यात्रियों की हाथ लगाकर सुरक्षा जांच कर सकेंगे। नागर विमानन मंत्रालय ने 21 मार्च को दिये अपने आदेश में कहा कि ये प्रतिबंध इसलिए हटाए गए हैं, जिससे हवाई उड़ानों का सुगम परिचालन हो सके।