अखिलेश यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट पर भाजपा पर साधा निशाना, जानें सबसे गरीब राज्यों में यूपी का नंबर

लखनऊ: समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुह की खानी पडी, सपा को बीजेपी ने करारी हार दी, हार से परेशान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट और बीजेपी पर निशाना साधा है।

सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “भाजपा के राज में नीति आयोग के प्रथम बहुआयामी गरीबी सूचकांक MPI में उप्र देश के सबसे गरीब तीन राज्यों में शामिल है.” सबसे अधिक कुपोषण में उप्र तीसरे स्थान पर है तथा बाल व किशोर मृत्यु दर श्रेणी में पूरे देश में उप्र सबसे खराब स्थिति में है। ये भाजपा सरकार की नाकामी के तमगे हैं. इस दौरान अखिलेश ने फोटो भी पोस्ट किया है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक-

केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली में सबसे ज्यादा गरीबी है. वहां 27.36 प्रतिशत लोग गरीब हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 12.58 प्रतिशत और दिल्ली में 4.79 प्रतिशत लोग गरीब हैं. बिहार में कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा है, इसके बाद झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर है।

रसोई ईधन और बिजली से सबसे वंचित बिहार-

मातृत्व स्वास्थ्य से वंचित आबादी, स्कूल नहीं जाने, रसोई ईधन और बिजली से वंचित लोगों के मामले में भी बिहार की स्थिति सबसे खराब है। बाल और किशोर मृत्यु दर श्रेणी में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन सबसे खराब है. इस मामले में इसके बाद बिहार और मध्य प्रदेश का स्थान है।

स्वच्छता से वंचित आबादी में झारखंड सबसे खराब-

स्वच्छता से वंचित आबादी के मामले में झारखंड की रैंकिंग सबसे खराब है। नीति आयोग ने अपनी पहली एमपीआइ रिपोर्ट में कहा है कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश देश के सबसे निर्धन राज्यों में शामिल हैं।