बढ़ते मामले कोरोना की तीसरी लहर के संकेत

देश में कोरोना के बढ़ते मामले कोरोना की तीसरी लहर का संकेत दे रहा है. दूसरी लहर के बाद पहली बार देश में 10 फीसद से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों की संख्या तेजी से बढ़ी है. राहत की बात ये है कि कोरोना संक्रमित जिले अभी तक मुख्य रूप से केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में ही सीमित हैं.देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच चरम सीमा पर हो सकती है लेकिन इसकी तीव्रता दूसरे लहर की तुलना से काफी कम होगी। आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिक मणिंद्र अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई नया स्वरूप नहीं आता है तो स्थिति में बदलाव की संभावना नहीं है। वह तीनसदस्यीय विशेषज्ञ दल का हिस्सा हैं जिसे संक्रमण में बढ़ोतरी का अनुमान लगाने का कार्य दिया गया है।

आर फैक्टर 0.89 फीसद 

जुलाई और अगस्त में लगाए गए टीके और हालिया सीरो-सर्वे के आंकड़ों के आधार पर यह आकलन किया गया है कि आर फैक्टर 0.89 फीसद है। आर फैक्टर यह बताता है कि एक संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है. संक्रमण के प्रसार को काबू करना जरूरी है जिससे आर फैक्टर एक फीसद से नीचे बना रहे।देश में कोरोना वायरस के नए मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। केरल में पिछले कुछ दिनों से देश में रोजाना 40 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे। इसके चलते सक्रिय मामले व संक्रमण दर दोनों में बढ़ोत्तरी हुई है. केरल में लगातार कोरोना से बिगड़ते हालात को लेकर केंद्र की चिंता बढ़ती जताई है हालांकि, ताजा आंकड़ों में नए केस कम हुए हैं। पिछले दिन जहां पूरे देश में 42,909 मामले सामने आए थे। अब वहीं, मंगलवार को रिपोर्ट हुए मामलों की संख्या 30 हजार दर्ज की गई।