एप्रेन वाले दलाल !

कानपुर के हैलट अस्पताल  से कमीशन खोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अस्पताल की पोल खोल कर रख दी है. अस्पताल में एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय है जो दिन दहाड़े मरीजों को बेवकूफ बना कर लूट रहा है . इसमें बड़े से लेकर छोटा, डा. से लेकर दलाल सब शामिल है. अस्पताल में दवाओं पर कमीशन खोरी हो रही है. सस्ती दवाओं को महंगे दामों पर  बेचा जा रहा है. जब कोई मरीज जांच करवाने आता है तो खुद को ठगा हुआ महसूस करता है. हैलट अस्पताल  में सफेद एप्रेन पहनकर डॉक्टर के लिबाज में कुछ ऐसे दलाल है जो लोगों से ठगी कर रहे है . एप्रेन रुपी दलाल ओपीडी से लेकर आपरेशन रूम तक दलाली का गोरखधंधा करने में लिप्त है . आपको बता दे कि इन दलालों का गुट प्राइवेट पैथोलॉजी , मेडिकल स्टोर , इमरजेंसी  गेट से लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम तक पूर्णरुप से सक्रिय है और आम जनता के आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे है .

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार में नंबर वन कानपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों का शोषण डॉक्टरों की मिलीभगत से हो रहा है. ओपीडी प्रभारी डॉक्टर रीता गुप्ता ओपीडी में  बैठती ही नहीं हैं जिसके चलते यहां पर दलालों का वर्चस्व कायम है . दलाल जबरदस्ती पकड़कर मरीजों को अपने मेडिकल स्टोर पर ले जाते हैं और इसका काफी हिस्सा ओपीडी प्रभारी से लेकर भ्रष्ट डॉक्टरों तक पहुंच जाता है . इसका सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि उनके हाथों में लंबे चौड़े बिल थमा दिए जाते है . हैरानी की  बात तो ये है कि यहां के वरिष्ठ अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं . हो सकता है कि वह भी पूरी तरह से इस दलाली में लिप्त हो. बात करें अगर सर्जरी विभाग की तो यहां भ्रष्टाचार नया नहीं है . कई वर्षों पूर्व से यहां भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है  जिसने मरीजों की हालात खराब करके रख दी है . प्रदेश के मुखिया को इस ओर देखना ध्यान देना चाहिए कि कानपुर मेडिकल कॉलेज का भ्रष्टाचार कैसे समाप्त किया जाए और मरीजों को लाभ कैसे मिले क्योंकि जब तक यहां के भ्रष्टाचारी आला अधिकारियों को यहां से नहीं हटाया जाता, तब तक डॉक्टर अपने दलालों के माध्यम से मोटी कमाई करते रहेंगे और मरीज इसी तरह परेशान रहेंगे .

Hallet Hospital Remdesivir Injection Given To Dead And Discharged - हैलट अस्पताल में बड़ा फर्जीवाड़ा, मुर्दों और डिस्चार्ज मरीजों को लगा दिए रेमडेसिविर इंजेक्शन, होगी ...