पोस्टर में भगवान की फोटो पर बवाल

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे राजनीतिक दलों के बीच पॉस्टर वार भी तेज होता जा रहा है। ऐसा ही कुछ इन दिनों देवभूमि में देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने गणेश भगवान के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की तस्वीर लगाई है। जिसके बाद बीजेपी ने इसे देवी देवताओं का अपमान बताया है। वहीं शहर में जगह जगह आम आदमी पार्टी की ओर से भी पोस्टर लगाये गये हैं। इस पोस्टरों में आप पार्टी ने जनता से पूछा है कि उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन हो। देशभक्त फौजी यानी की कर्नल अजय कोठियाल या नेता यानि की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। आप पार्टी के इस पोस्टरों पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है। साथ ही जगह जगह पर लगाये गये ऐसे पोस्टरों को हटाया गया है।

शुरू हुई पोस्टर पॉलिटिक्स

उत्तराखंड में चुनाव नजदीक आते ही उत्तराखंड में पोस्टर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। दअरसल आम आदमी पार्टी ने देहरादून, रुड़की, हरिद्वार आदि कई क्षेत्रों में पोस्टर लगाये हैं इस पोस्टर में दो तस्वीरें लगाई गई है एक तस्वीर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तो दूसरी तस्वीर आप पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल की। इस पोस्टर में आप पार्टी ने जनता से पूछा है कि उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन हो। इस पोस्टर के लगाते ही राज्य में बवाल मच गया। आरोप है कि आप पार्टी ने बिना किसी अनुमति के सरकारी संपत्ति पर पोस्टर, होर्डिंग्स और फ्लैक्स लगाए हैं जिससे सरकारी कामकाज में बाधा पहुंच रही है मामले में पुलिस ने तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं आप पार्टी के पोस्टर भी निकाले गये हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर हमला बोला है।

भगवान गणेश के साथ गणेश

दअरसल पार्टी ने नये प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की तस्वीर गणेश भगवान के साथ लगाई है। जिसपर बीजेपी ने कटाक्ष किया है। बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ देवेंद्र भसीन ने इस देवी देवताओँ का अपमान बताते हुए कांग्रेस नेताओं से माफी मांगने को कहा है वही कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इन सभी आरोपों से इंकार किया है।

नई नहीं है पोस्टर पॉलिटिक्स

कुल मिलाकर चुनाव से पहले राज्य में पोस्टर पॉलिटिक्स होना कोई नई बात नहीं पोस्टर के बहाने बिना कुछ कहे अपनी बात को कटाक्ष के साथ कहना पुरानी परंपरा का हिस्सा है ऐसे में देखना बड़ा दिलचस्प होगा की उत्तराखंड में ये पोस्टर वार कबतक थमता है।