Hijab row: कर्नाटक से UP चुनाव तक पहुंचा ‘हिजाब विवाद’, ओवैसी ने BJP पर जमकर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक जा पहुंचा कर्नाटक का ‘हिजाब विवाद’, बता दें कि इस मुद्दे ने अब धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही रंगों में ढाल लिया है। सभी पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी राय रख रही हैं और कई जगह इस मामले पर सियासत चमकाने की कोशिशें भी की जा रही है। अब इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से “नफरत और उन पर चलाई जा रही गोलियों के खिलाफ खड़े होने” का आग्रह किया। यह टिप्पणी तब हुई जब मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में अगले तीन दिनों के लिए छुट्टी की घोषणा की।

हमारी बेटियों को हिजाब पहनकर पढ़ाई नहीं करने दे रही- ओवैसी

ओवैसी ने मंगलवार को संभल में चुनाव प्रचार करते हुए पूछा कि भाजपा सरकार हमारी बेटियों को हिजाब पहनकर पढ़ाई नहीं करने दे रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन तलाक कानून के साथ मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करते हैं. क्या यही उनकी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की पिच है?

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि आपको हमारी महिलाओं से प्यार क्यों है? मैं क्या पहनता हूं, मेरी बेटी क्या पहनती है, या मेरी पत्नी क्या पहनती है- यह आपके काम का नहीं है. अगर आप कुछ भी नहीं पहनते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी.

ओवैसी ने साधा BJP सरकार पर जमकर निशाना 

उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार की निंदा करते हुए पूछा “जब असदुद्दीन ओवैसी दाढ़ी और टोपी के साथ संसद में जा सकते हैं, तो मुस्लिम लड़कियां हिजाब या नकाब पहनकर स्कूल क्यों नहीं जा सकतीं?” इसके साथ ही ओवैसी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि वे मुस्लिम महिलाओं के भाई हैं। आखिर अब उनका और भाजपा का भाईचारा कहां गया। भाजपा की रैली में भी बुर्का पहनी महिलाएं देखी गईं। नड्डा जी की आरती उतारती मुस्लिम महिलाएं दिखाई गईं, लेकिन यह हिपोक्रेसी क्यों है।’ इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि कुरान में हिजाब और निकाब पहनने की बात कही गई है।