PM Modi on Budget 2022: सस्ता और तेज इंटरनेट भारत की पहचान बना, 5जी से रोजगार के नए मौके आएंगे- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2022 पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं. ये संबोधन पीएम मोदी का वर्चुअली हो रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि एक साल के बजट को एक घंटे में बोलना कठिन कार्य है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है. 7 – 8 साल पहले भारत की अर्थव्यवस्था 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये थी. आज ये 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है.

बजट स्पीच में पूरा बजट संभव नहीं होता

पीएम मोदी ने कहा कि कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत ही खूबसूरती से, बहुत ही अच्छे ढंग से बजट के कुछ पहलुओं को हमारे सामने रखा है. बजट स्पीच में पूरा बजट संभव नहीं होता है क्योंकि बजट में बहुत बड़ा दस्तावेज होता है, बारीकियां होती हैं और सदन में ये सब बोलना संभव भी नहीं होता है.

गरीबों के लिए ये बोले पीएम मोदी 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस समय 100 साल में आई सबसे बड़ी वैश्विक महामारी से देश लड़ रहा है. कोरोना का ये कालखंड दुनिया के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आया है. दुनिया उस चौराहे पर आकर खड़ी हो गई है, जहां टर्निंग प्वाइंट निश्चित है. आगे जो दुनिया जो हम देखने वाले हैं, वो वैसी नहीं होगी, जैसी कोरोना से पहले थी.’

भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा

पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत के लिए नए सिरे से तैयारी का, नए अवसरों का, नए संकल्पों की सिद्धि का समय है. बहुत जरूरी है कि भारत आत्मनिर्भर बने और उस आत्मनिर्भर भारत की नींव पर एक आधुनिक भारत का निर्माण हो. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि बीते सात वर्षों में जो निर्णय लिए गए, जो नीतियां बनीं, पहले की जिन नीतियों में सुधार हुआ, उस वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है. 7 – 8 साल पहले भारत की GDP 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये थी. आज भारत की अर्थव्यवस्था 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है.

4 करोड़ ग्रामीण घरों को पानी का कनेक्शन

पीएम मोदी ने कहा कि इसमें से करीब 5 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 वर्षों में दिए गए हैं. बजट में घोषणा की गई है कि इस साल करीब 4 करोड़ ग्रामीण घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि MSP को लेकर भी अनेक प्रकार की बातें फैलाई गईं हैं. लेकिन हमारी सरकार ने बीते सालों में MSP पर रिकॉर्ड खरीद है. सिर्फ धान की ही बात करें तो इस सीज़न में किसानों को MSP के रूप में डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक मिलने का अनुमान है.