Income tax जमा न करने पर होगी 7 साल तक की जेल! आईटीआर दाखिल करने कि ये है आखरी तारिख

जिन व्यक्तियों पर टैक्स देनदारी बनती है और वे तय समयसीमा में आयकर जमा नहीं करते हैं तो आयकर अधिनियम 1961 के मुताबिक, उनको तीन से सात साल तक जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। अधिनियम के मुताबिक, सभी करदाताओं को तय समय-सीमा के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है।

टैक्स और ब्याज भी लिया जाएगा

कोई व्यक्ति यदि अंतिम तारीख तक आयकर रिटर्न (आईटीआई) दाखिल नहीं करता है तो आयकर विभाग उनसे वास्तविक आय पर 50 से 200 फीसदी तक पेनाल्टी वसूल सकता है। साथ ही ऐसे करदाताओं से आईटीआर दाखिल करने तक का टैक्स और ब्याज भी लिया जाएगा। केंद्र सरकार के पास टैक्स की देनदारी के बावजूद अंतिम तिथि तक आईटीआर दाखिल न करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार है।

10 हजार से ज्यादा की देनदारी पर ही मुकदमा

जैन बताते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बार आईटीआर दाखिल ना करने पर आयकर विभाग आपके खिलाफ मुकदमा चलाएगा। उनके मुताबिक, 10 हजार रुपए से ज्यादा की टैक्स देनदारी पर आयकर विभाग करदाता के खिलाफ मुकदमा चला सकता है। आयकर कानूनों के मुताबिक, ऐसे मामलों में कम से कम तीन साल और अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है।

31 मार्च 2022 तक दाखिल करें आईटीआर

असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 है। जो व्यक्तिगत करदाता 31 दिसंबर 2021 को आईटीआर फाइल करने से चूक गए हैं वे 31 मार्च 2022 तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं। हालांकि, जुर्माने के साथ अंतिम तिथि के बाद भी आईटीआर फाइल किया जा सकता है।