यूपी चुनाव: सुभासपा पार्टी ने दो दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने का किया एलान, ओमप्रकाश राजभर वाराणसी से लड़ेंगे चुनावी जंग

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) दो दर्जन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी, जिसके चलते गठबंधन के बाद पार्टी ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। पार्टी ने बनारस की आठ में से दो सीटों शिवपुर और अजगरा में चुनाव लड़ने का एलान किया है। शिवपुर में खुद ओमप्रकाश राजभर उतर सकते हैं। यहां से अभी योगी के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर विधायक हैं।

वाराणसी में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में सुभासपा के प्रदेश प्रवक्ता शशि प्रताप सिंह ने बताया कि, गठबंधन के तहत उनकी पार्टी को दो सीटें मिली हैं जिनमें अजगरा और शिवपुर विधानसभा सीट शामिल हैं। दोनों सीटों पर छड़ी निशान पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। इन सीटों पर जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। शिवपुर से ओमप्रकाश राजभर के लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष वहां से लड़ सकते हैं। तीन-चार दिनों के भीतर प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी।

300 यूनिट बिजली गरीबों को मुफ्त दी जाएगी: शशि प्रताप
शशि प्रताप ने आगे बताया कि, इसके अलावा बाकी सीटों पर यूपी में जो गठबंधन के प्रत्याशी लड़ेंगे और उनका पूरा समर्थन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली गरीबों को मुफ्त दी जाएगी। छह महीने के भीतर के जातिवाद जनगणना शुरू कराई जाएगी। सरकार बनने पर अनिवार्य शिक्षा लागू की जाएगी। महिला पुलिस थाना भी खोला जाएगा। इसके अलावा महिला बेटी की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस महिला थाना को बढ़ाया जाएगा। किसान के लिए खाद पर सब्सिडी की व्यवस्था कर सस्ता तथा न्यूनतम मूल्य पर सिचाई के लिए बिजली दी जाएगी।

भाजपा को बताया धोकेबाज़-
शशी प्रताप सिंह ने बताया कि भाजपा हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में सफर कराने के नाम पर धोखा दिया। भाजपा के कार्यकर्ता खुद हवाई चप्पल पर आ गए। पूरे उत्तर प्रदेश की जनता इनको हवाई जहाज से सड़क पर लाने का काम कर दिया है। 10 मार्च तक इन लोगों की घर वापसी तय है। कोरोना काल में इन लोगों ने आम जनमानस को जिस तरह पैदल चलाकर मारने का काम किया उसी तरह जनता भी इनको पैदल चला रही है। आज गृह मंत्री मुख्यमंत्री सब पैदल हो गए है घर-घर हाथ जोड़ रहे है। ऐसा काम ही मत करो कि घर-घर हाथ जोड़ना पड़े।